PM Viksit Bharat Rozgar Yojana 2026: पहली बार नौकरी शुरू करने वालों को आर्थिक मदद देने वाली प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना को लागू हुए एक साल पूरा हो गया है। सरकार ने योजना की अब तक की स्थिति को लेकर नया आंकड़ा जारी किया है।
सरकारी जानकारी के अनुसार, अगस्त 2025 में योजना शुरू होने के बाद 72 लाख से ज्यादा पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारी औपचारिक रोजगार से जुड़े हैं। इनमें करीब 30 फीसदी महिलाएं हैं। योजना के तहत 15 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन राशि भी मिल चुकी है।
एक साल में क्या हुआ?
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana यानी PM-VBRY की शुरुआत 1 अगस्त 2025 को हुई थी। योजना का मौजूदा चरण 31 जुलाई 2027 तक चलेगा। सरकार ने इस योजना के लिए 99,446 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। दो साल में 3.5 करोड़ से ज्यादा लोगों के लिए रोजगार को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 1.92 करोड़ ऐसे लोग शामिल हैं, जो पहली बार नौकरी करने वाले होंगे।
| योजना की मुख्य जानकारी | विवरण |
|---|---|
| शुरुआत | 1 अगस्त 2025 |
| योजना की अवधि | 31 जुलाई 2027 तक |
| कुल प्रावधान | ₹99,446 करोड़ |
| रोजगार का लक्ष्य | 3.5 करोड़ से ज्यादा |
| पहली बार नौकरी वालों का लक्ष्य | 1.92 करोड़ |
| अब तक पहली नौकरी से जुड़े लोग | 72 लाख से ज्यादा |
| प्रोत्साहन पा चुके लाभार्थी | 15 लाख से ज्यादा |
पहली नौकरी पर मिलते हैं ₹15,000 तक
योजना में पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए अलग प्रावधान है। 1 लाख रुपये तक मासिक वेतन पाने वाले और EPFO से पहली बार जुड़ने वाले कर्मचारी इसके लिए पात्र हो सकते हैं। ऐसे कर्मचारियों को एक महीने के EPF वेतन के बराबर प्रोत्साहन दिया जाता है। इसकी अधिकतम सीमा 15,000 रुपये है। यह पैसा एक साथ नहीं दिया जाता। पहली राशि छह महीने की नौकरी पूरी होने के बाद मिलती है। दूसरी राशि 12 महीने तक लगातार नौकरी करने और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के बाद दी जाती है।
कंपनियों को भी मिल रहा प्रोत्साहन
इस योजना में नौकरी करने वालों के साथ नए लोगों को नौकरी देने वाले नियोक्ताओं के लिए भी प्रोत्साहन रखा गया है। पात्र अतिरिक्त कर्मचारी को कम से कम छह महीने तक नौकरी में बनाए रखने पर नियोक्ता को 3,000 रुपये प्रति माह तक की मदद मिल सकती है। सामान्य क्षेत्र में यह प्रोत्साहन दो साल तक दिया जाता है। विनिर्माण क्षेत्र के नियोक्ताओं के लिए यह मदद तीसरे और चौथे साल तक जारी रखने का भी प्रावधान है।
योजना से जुड़ी राशि कैसे मिलती है?
PM-VBRY को EPFO से जुड़े डिजिटल माध्यम से लागू किया जा रहा है। इसमें कर्मचारी की पहचान और रोजगार से जुड़ी जानकारी का सत्यापन किया जाता है। सरकार के अनुसार, प्रोत्साहन के लिए UAN का UMANG App पर Face Authentication के जरिए सत्यापन किया जाता है। पात्र लाभार्थी को राशि Aadhaar से जुड़े बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है।
योजना में महिलाओं की भी अच्छी भागीदारी
सरकार के 1 अगस्त 2026 के आंकड़ों के अनुसार, योजना शुरू होने के बाद औपचारिक रोजगार से जुड़े पहली बार नौकरी करने वालों में करीब 30 फीसदी महिलाएं हैं। इस अवधि में 72 लाख से ज्यादा पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारी औपचारिक कार्यबल का हिस्सा बने हैं। वहीं 15 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को रोजगार से जुड़ा प्रोत्साहन मिल चुका है।
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana 2026 में अभी क्या स्थिति है?
PM-VBRY का पहला साल पूरा हो चुका है और योजना दूसरे साल में पहुंच गई है। सरकार के ताजा आधिकारिक आंकड़ों में 72 लाख से ज्यादा पहली बार नौकरी करने वालों के औपचारिक रोजगार से जुड़ने की जानकारी दी गई है। योजना के तहत कर्मचारियों के साथ नियोक्ताओं को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसका मौजूदा चरण 31 जुलाई 2027 तक चलेगा और इस दौरान 3.5 करोड़ से ज्यादा रोजगार को बढ़ावा देने का लक्ष्य है